Saturday, 27 December 2014

jai ho gau mate ki.....

मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है ,
दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है ,
मां की हर दुआ कबूल है ,
मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है ,
मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है ,

Friday, 26 December 2014

आओ गाय से प्रेम करे .... वंदे गौ मातरम्

आखिर माँ तो '' माँ होती है .......
जीवन का सबसे सुन्दर द्रश्य - एक लाइक तो बनता है .